समय का महत्व

मानव जीवन में बीता हुआ सब कुछ लौट सकता है पर समय एक ऐसा आजाद पंछी है जो एक बार जिस राह से गुजर जाए, वहाँ दोबारा नहीं लौटता। समय अमूल्य धन है। यही जीवन है। इसका सदुपयोग जीवन का सदुपयोग माना गया है। साथ ही इसका विनाश यानी जीवन का विनाश।
समय एक ऐसा है जिसको हमें उसके ही आकार में स्वीकारना पड़ेगा, न तो हम उसको बढ़ा सकते हैं और न ही हम उसको रोक सकते हैं।समय का जीवन में बहुत महत्व है। संसार में जितनी भी वस्तुएं हैं उन्हें प्राप्त करना कोई बड़ी बात नहीं है, अगर हमारा धन नष्ट हो जाए, तो हम दोबारा मेहनत कर उसे पा सकते हैं। यदि स्वास्थ्य बिगड़ जाए तो आराम व इलाज कर उसे देबारा स्वस्थ कर सकते हैं। पर हाँ यदी मानव का बस कहीं नहीं चल पाया है तो वह है समय।
समय के सदुपयोग से ही मूर्ख, विद्वान बन सकता है। निर्बल बलवान बन सकता है और तो और निर्धन भी धनवान बन सकता है। । समय की हानि को सबसे बड़ी हानि बतलाया गया है। समय का दुरुपयोग या बर्बादी से मानव की उन्नति में बाधा पड़ सकती है और अंत में पश्चाताप के अलावा कोई दूसरा विकल्प ही नहीं रह पाता। वे कभी अपने जीवन में सफल नहीं हो सकते हैं। जो समय का दुरुपयोग करते हैं।
समय का सदुपयोग करने से जीवन में बहुत ही लाभ हैं। इससे मानव सब कुछ प्राप्त कर लेता है। इसी के बल पर सुखी और समृद्ध जीवन जिया जा सकता है। समय का सदुपयोग करने से ही मानव स्वस्थ रह सकता है। समय का सदुपयोग करने वाले के द्वार पर उन्नति सदैव फूल लिए उसका स्वागत करने खड़ी रहती है।
विद्यार्थी जीवन में तो समय का महत्व ही कुछ और है। विद्यार्थी जीवन को तो आगे आने वाले जीवन की तैयारी का समय बताया गया है, इस समय जो विद्यार्थी समय का सदुपयोग कर लेते हैं वह तो अपना जीवन सफल कर लेते हैं और जो विद्यार्थी समय का दुरुपयोग कर लेते हैं उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है।
किसी महापुरुष ने तो यहां तक कहा है कि विद्यार्थियों को तो समय का एकएक पल सोच-समझकर काम में लाना चाहिए क्यों कि यहाँ समय-समय नहीं बल्कि उसका भविष्य है जिसे जैसे वह अब रखेगा, भविष्य में वह वही पाएगा।
समय के महत्व पर किसी महाकविने सच ही लिखा है- समय ईश्वर का दिया हुआ एक अनुपम धन है।
समय के लिए कहा गया है कि एक विद्यार्थी को उसका समय केवल नवीनतम जानकारीव अध्ययन में लगाना चाहिए, एक भक्त को अपना समय केवल प्रभु भक्ति में लगाना चाहिए, एक कलाकार को अपना समय अपनी कलाकृति पर ही लगाना चाहिए तभी हम कह सकते हैं कि उन्होंने अपने समय का सदुपयोग किया है।

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